dosti par hindi kavitayen

[दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ]- [10+ Amazing Poems on Friendship]

10+ दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ

दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ-वैसे तो दोस्ती काफी तरह की होती है सच्ची दोस्ती, दिखावे वाली दोस्ती, मतलब वाली दोस्ती या फिर बदला लेने वाली दोस्ती आज की कविताओं में हम दोस्ती के हर पहलु पर बात करेंगे और आजकल लोग दोस्ती के बारे में क्या सोचते हैं इस पर भी बात करेंगे दोस्तों दोस्ती पर कुछ हास्य कवितायेँ भी आपको पढ़ने को मिलेंगी जो आपके दिल को छू जाएँगी तो चलिए शुर करते हैं

दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ
दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ

1. Heart Touching Poem on Friendship in Hindi- दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ

वैसे तो ज़िन्दगी की इस रेलगाड़ी में बहोत सारे हमसफ़र मिलते हैं

उनमें से कुछ जिंदगी भर याद रह जाने वाले दोस्त बन जाते हैं,

उनके साथ ज़िन्दगी की रेलगाड़ी का सफर सुहाना सा लगने लगता है

लेकिन देखते ही देखते जब उनकी मंजिल आ जाती है, तो वो छोड़ जाते हैं

पहुंच कर अपनी मंजिल पर फिर वो हमें भूल जाते हैं

वो दोस्त बहोत याद आते हैं, बहोत याद आते हैं, बहोत याद आते हैं

दीपक उदासी

दोस्तों ज़िन्दगी मानो एक रेलगाड़ी जैसी ही तो है सब अपनी मंजिल पर पहोचना चाहते हैं बीच बीच में कभी जंगल तो कभी समंदर तो कभी तूफ़ान हमें सबका सामना करते हुए मंजिल की और बढ़ना होता है बिलकुल एक रेलगाड़ी की तरह इस सफर में कुछ लोग ऐसे मिलते हैं जिनसे बहोत पक्की दोस्ती हो जाती है और हमें लगता है की वो हमेशा हमारे साथ रहेंगे लेकिन जब उनकी स्टेशन आती है तो वो उतर जाते हैं और फिर हमें भूल जाते हैं

यह कविता जरूर पढ़ें: खामोशियों की आवाज- UNIQUE Good Night Hindi Love Poems

Emotional Poem on Friendship in Hindi-बचपन की दोस्ती की बात अलग थी

बचपन की दोस्ती की बात अलग थी

उस दोस्ती में न कोई मतलब था न कोई मिलावट थी

था तो सिर्फ रूठना और मान जाना

उस दोस्ती में कोई दिखावट नहीं थी

आजकल तो दोस्ती बस एक जूठा दिखावा है

हर किसी को बस अपना मतलब निकालना है

मतलब पूरा हो जाने पर छोड़ जाना है

यही आज का नया ज़माना है

बचपन की दोस्ती की बात अलग थी, बचपन की दोस्ती की बात अलग थी

दीपक उदासी ( दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ )

दोस्तों बचपन की दोस्ती की बात तो सच में अलग थी आजकल वैसी दोस्ती कहाँ देखने को मिलती है आज हर कोई सिर्फ अपना मतलब निकलने के लिए दोस्त बनता है और जब मतलब पूरा हो जाता है तो लात मार देता है या फिर आपकी किसी छोटी सी गलती पर ही आपको बिना समझे छोड़ कर चला जाता है ऐसी दोस्ती किसी काम की नहीं होती जो वक़्त पर आपका साथ न दे

Dosti Sweet Poem- दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ

दोस्ती तो ऐसी होनी चाहिए जैसे, सूरज की सुबह के साथ

चाँद की रात के साथ

फूलों की खुशबू के साथ

होंठो की मुस्कराहट के साथ

बादलों की बरसात के साथ

और दिल की धड़कनों के साथ

दीपक उदासी ( दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ )

दोस्तों इस कविता में दोस्ती के जो उदाहरण दिए हैं बहोत ही खूबसूरत उदाहरण हैं प्रकृति को दोस्ती के साथ जोड़ा गया है और सच ही तो है सूरज हर रोज आकर सुबह के साथ अपनी दोस्ती निभाता है उसी तरह चाँद भी और फूलों को भी खुशबू से अलग नहीं किया जा सकता वास्तविकता में दोस्ती ऐसी ही होनी चाहिए जो हर मुसीबत का सामना कर जाये और फिर भी ना टूटे….

Hindi Hasya Kavita on Dosti- बीमा कब करा रहे हो

हमारे एक दोस्त रहने वाले वो रीवा के

एजेंट हैं वो बीमा के

मिलते ही हर बार पूछ लेते हैं, बीमा कब करा रहे हो

मानो ऐसा पूछ रहे हों, भाई साहब आप कब मर रहे हो

दीपक उदासी ( दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ )

हिंदी में दोस्ती पर ये हास्य कविता बहोत ही खूबसूरत है और हास्य के साथ साथ एक गहरा व्यंग्य भी पेश करती है व्यंग्य मतलबी दोस्ती पर किया गया है जिसमें एक दोस्त थोड़ा पैसा कमाने के लिए अपने दोस्त को ही बीमा करवाने का ऑफर दे रहा है और ऐसा लग रहा है वो ऑफर देने के बहाने पूछ रहा हो भाई साहब आप कब मर रहे हो

Hindi Poem on Dosti for Kids-दोस्ती पर हिंदी कवितायेँ

ये खट्टी मीठी दोस्ती हमारी

लगती है कितनी प्यारी

साथ खेलना साथ घूमना और साथ में रोना

सबसे अलग है हमारी यारी

ये खट्टी मीठी दोस्ती हमारी

जो मैं रूठ जाऊँ कभी तो तुम मनाते हो

मम्मी जो कभी डांटे तो तुम हंसाते हो

पापा जो कभी मुझे मारें तो तुम चिढ़ाते हो

सच तुम दोस्त बहोत प्यारे हो

मुझे अच्छी लगती हैं बातें सारी तुम्हारी

ये खट्टी मीठी दोस्ती हमारी

दीपक उदासी

बच्चों के लिए यह हिंदी कविता हमें भी अपने बचपन के दोस्तों की याद दिला देती है कुछ बचपन के दोस्त तो इतने प्यारे होते थे की हमारे साथ ही उनकी सुबह होती थी और हमारे साथ ही उनकी रात एक ही उद्देश्य होता था सारा दिन उछल कूद करना और खूब खेलना एक दूसरे को चिड़ाना और खूब मजे करना आपको भी अपने बचपन की दोस्ती याद होगी बहोत सुकून था उस दोस्ती में न जाने कब हम बड़े हो गए

Dosti Par Slogan- चाहे कितनी ही हो दूरियां

(1) चाहे कितनी ही हो दूरियां हम दोनों के दरमियान

जब तक जिस्म में सांस रहेगी

हम दोनों की दोस्ती सलामत रहेगी

(2) प्यार व्यार सब आजकल बस व्यापार है

अगर सच्चा है इस दुनिया में कोई,

तो वो बस मेरा जिगरी यार है

(3) दौलत भी नहीं चाहिए शोहरत भी नहीं चाहिए

बस एक दुआ है खुदा से मेरी

अगले जनम में भी तेरी दोस्ती चाहिए

दीपक उदासी

Dosti Poem in Hindi Font -दोस्ती आजकल कितनी सस्ती हो गयी है

दोस्ती आजकल कितनी सस्ती हो गयी है

मतलब से शुरू होकर मतलब पर ख़तम हो गयी है

दोस्ती में भी जैसे आजकल मिलावट हो गयी है

विश्वास की तराजू में बेईमानी हो गयी है

दोस्ती आजकल कितनी सस्ती हो गयी है

दीपक उदासी

दोस्ती अगर सच्ची हो तो कसम से प्यार से भी ज्यादा हसीन होती है क्यूंकि सच्चा प्यार भी दुनिया के आगे कई बार हार जाता है लेकिन सच्ची दोस्ती को ये दुनिया कभी छू नहीं सकती लेकिन आजकल के ज़माने में सच्ची दोस्ती न के बराबर मिलती है हर कोई बस अपना मतलब निकलने में लगा रहता है और जिसको सच्ची दोस्ती मिलती है वो बहोत किस्मत वाला होता है

दोस्तों दोस्ती पर यह हिंदी कवितायेँ आपको कैसी लगी अपनी राय हमें कमैंट्स में जरूर दे और यदि आप भी कवितायेँ या शायरियां लिखते हैं तो हमें नीचे दी गयी ईमेल आईडी पर भेज सकते हैं आपकी कविता को हम अपनी वेबसाइट पर आपके नाम के साथ उचित स्थान देंगे

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