hindi poems on love

Hindi Poems on Love

Hindi Poems on Love
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Hindi Poems on Love: दोस्तों ज़िन्दगी में प्यार सबको एकबार होता है। यह वो एहसास है जो इंसान ज़िन्दगी भर नहीं भूल पाता। और बहोत ही खुशकिस्मत होते हैं वो लोग जिनको उनका प्यार मिल जाता है। और जिन्हे नहीं मिलता उनका जीवन पूरी तरह बदल जाता है। हाँ ये सच है की प्यार में इंसान को बदल देने की ताकत होती है। कई बार ये इंसान को पूरी तरह बर्बाद कर देता है, तो कई बार इंसान उन ऊंचाइयों को छू लेता है जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होती।
आज हम आपके लिए प्यार पर दिल को छू जाने वाली कुछ जबरदस्त कवितायेँ लेकर आये हैं। यह कवितायेँ आप अपनी Girlfriend, Boyfriend या Wife को भी डेडिकेट कर सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं की यह गहरी और रोचक हिंदी कवितायेँ आपको पसंद आएंगी।

1. Love Poem in Hindi for Girlfriend- तुम जरा इसमें इश्क़ भर दो

Hindi Poems on Love
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खाली खाली सा है मेरा दिल तुम जरा इसमें इश्क़ भर दो
रुकी रुकी सी धड़कनों में तुम बेकरारी भर दो
रूह को मेरी तुम अपने नाम करके
नूर इसमें तुम थोड़ा
जन्नत का भर दो

अकेला अकेला सा चल रहा हूँ
ज़िन्दगी की सड़क पर मैं,
थाम लो आकर हाथ तुम
और मंजिल तक ले चलो

तुम हो बहती नदी कोई
मैं एक तनहा किनारा हूँ
तुम किसी शायर की कल्पना सी हो
मैं कोई अलफ़ाज़ अधूरा सा हूँ

दीपक उदासी

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2. Romantic Love Poems for Her in Hindi- जरा उनसे कह दो….

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महफ़िल सजी है इश्क़ वालों की
जरा हमारे मेहबूब को कोई आवाज लगा दे
जल रहे हैं दिल यहाँ सभी शायरों के
जरा उनसे कह दो
……
अपने अल्फ़ाज़ों से थोड़ी आग और लगा दे

बड़े अरसे बाद वो महफ़िल में आये हैं
इधर उधर क्या देख रहे हैं
जरा उनसे कह दो….
एक नजर जरा अपने पुराने आशिक़ से भी मिला लें

नशा आज भी उतना ही है आँखों में उनकी
जितना कल था
जरा उनसे कह दो…..
एक-दो जाम हमें आज फिर से पिलादें

वैसे तो आशिकों की उनके कोई कमी नहीं है
वैसे तो आशिकों की उनके कोई कमी नहीं है
जरा उनसे कह दो
उन्हें हमसे कोई छीन ले
इतनी किसी की औकात नहीं है

दीपक उदासी

3. Love Poetry in Hindi Lyrics- जो चला गया उसका इंतजार न करो

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प्यार को यार तुम इस तरह बदनाम न करो
जो चला गया उसका इंतजार न करो

इंसान की फितरत में है धोकेबाज़ी तो क्या करें
तुम जल्दी से किसी पर अब एतबार न करो

माना दर्द बहोत मिलता है प्यार में
थोड़ा सह लो लेकिन किसी से बयान न करो

ये जालिम दुनिया गम को तुम्हारे हसी का किस्सा बना देगी
यूँ रो रो के गम दुनिया को सुनाया न करो

दिल के दरवाजे बंद रखा करो
अपने दर्द को अपने दिल में ही रखा करो

दीपक उदासी

4. Love Poem in Hindi for Boyfriend- फ़टे-हाल दिल को अब वक़्त के धागे से सील रही हूँ

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फ़टे-हाल दिल को अब वक़्त के धागे से सील रही हूँ
सुइयां चुभ रही हैं फिर भी हंस रही हूँ

ठोकर खाके इश्क़ में, मैं कुछ इस तरह जी रही हूँ
की धीरे-धीरे- दिल से तुम्हें बेदखल कर रही हूँ

दीदार के लिए आँखें तरसती जरूर हैं, जिद्दी हैं
कोशिश करके इन्हे समझा रही हूँ

वक़्त की कश्ती पर बैठकर
अब मैं तुमसे दूर जा रही हूँ

सूख चुके हैं आंसू अब मेरी आँखों के
ख्वाब मैं इनमें नए बसा रही हूँ

बंद करके तुम्हारी बातों को और यादों को एक अलमारी में
मैं फिर से मुस्कुराना सीख रही हूँ

दीपक उदासी

5. Deep Love Poem in Hindi- आज तुम्हारे होंठों का स्वाद फिर याद आया

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आज तुम्हारे होंठों का स्वाद फिर याद आया
ज़िंदगी को थोड़ा रोक कर आज मैं दिल से मुस्कुराया

बीती जो शामें तेरे साथ, दिल के किसी कोने में दबी आज भी हैं
खुशबू तेरे इश्क़ की आती मेरे जिस्म से आज भी है

सूनी-सूनी ये खिड़कियां मेरे घर की
बुलाती तुझे आज भी हैं

पड़ती है जो बारिश कभी मेरे शहर में
खोल के दरवाजा आँखें तुझे पुकारती आज भी हैं

लेकिन अब……..

खुद के आंसू खुद से ही छुपाना सीख गया हूँ
जो न लौटकर आएगा उसे भुलाना सीख गया हूँ

ज़िन्दगी में आगे बढ़ना सीख गया हूँ
तेरे बिन अब ज़िन्दगी गुजरना सीख गया हूँ

दीपक उदासी

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6. तेरी तस्वीर को निहारते निहारते आज शाम हो गयी

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तेरी तस्वीर को निहारते निहारते आज शाम हो गयी
खूबसूरत थी जो जिंदगी कभी आज बहोत वीरान हो गयी

किसी सुनसान खँडहर जैसी मेरे दिल की ये हालत हो गयी
कोई आता नहीं पूछने अब हालात मेरे,
जिंदगी कुछ इस तरह बर्बाद हो गयी

मुस्कराहट जैसे मेरी कोई नाराज रिश्तेदार हो गयी
तन्हाई से दोस्ती बहोत ख़ास हो गयी

यादें ही गूंजती हैं कानो में मेरे सुबह शाम अब
वो मेरे लिए गुजरी एक खूबसूरत दास्ताँ हो गयी

मालूम है अकेले ही काटना है अब ये सफर ज़िन्दगी का
सोचते सोचते फिर देखो किस तरह सुबह हो गयी

दीपक उदासी

7. Love Poem in Hindi for Wife-ठहरी हुई सी कोई झील लगती हो

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नीली नीली शाम में बिखरा हुआ कोई इंद्रधनुष लगती हो
ठहरी हुई सी कोई झील लगती हो
वफ़ा की असली मूरत हो तुम
पत्नी से बढ़कर सच्ची दोस्त लगती हो

कभी कभी जब चुपके से तुम मुझे चूम कर भाग जाती हो
किसी खूबसूरत तितली सी लगती हो
रूह से तुम्हारी आती खुशबू इतनी है की
मानो इत्र की कोई दूकान लगती हो

आसमा में उड़ती तुम चंचल सी पतंग लगती हो
कभी किसी नायिका के घुंघरुओं की छम छम लगती हो
जितनी तारीफ करूँ तुम्हारी उतनी कम है
कभी मुहब्बत पर लिखी कोई कविता तो कभी
किसी शायर की ग़ज़ल लगती हो

दीपक उदासी

8. तुम्हारे बिन अब हाल कुछ ऐसा हो गया है

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तुम्हारे बिन अब हाल कुछ ऐसा हो गया है
मानो बिन चीनी के कोई चाय

तुम्हारे बिन अब हाल कुछ ऐसा हो गया है
मानो बिन सूरज के सुबह

तुम्हारे बिन अब हाल कुछ ऐसा हो गया है
मानो बिन चाँद के रात

तुम्हारे बिन अब हाल कुछ ऐसा हो गया है
मानो बिन खुशबू गुलाब

तुम्हारे बिन अब हाल कुछ ऐसा हो गया है
मानो बिन संगीत के कोई गीत

तुम्हारे बिन अब हाल कुछ ऐसा हो गया है
मानो बिन रंगो की होली

दीपक उदासी

9. तुम एक बहोत हसीन एहसास हो

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तुम एक बहोत हसीन एहसास हो
दूर जाकर भी आस-पास हो
तुम बहोत ही ख़ास हो
एक अधूरी सी प्यास हो

छेड़ता हूँ मैं जिसे तुम वो साज़ हो
दिल को छू जाये वो आवाज हो
डूबते साहिल की आखिरी आस हो
तुम एक बहोत हसीन एहसास हो
तुम एक बहोत हसीन एहसास हो

तुम हो कोई वक़्त बीता हुआ
या मेरी सांसों में चल रहा कोई लम्हा हो
सूख गए जो गुलाब किताबों में
उन गुलाबों की महक का किस्सा हो

अलफ़ाज़ आज मेरे कम पड़ गए
तुम्हें लिखते-लिखते
दिल में मेरे
बंद अब तुम एक राज हो
तुम एक बहोत हसीन एहसास हो
तुम एक बहोत हसीन एहसास हो

दीपक उदासी

10. Hindi Poem on First Love-वो पहली-पहली बार जब हम मिले थे

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वो पहली-पहली बार जब हम मिले थे
वो पहली-पहली मुलाकात
वो पहली-पहली बार तुम्हारा हाथ पकड़ना
तुम्हारा मैसेज आते ही वो पहली-पहली मुस्कराहट

वो पहली-पहली गिफ्ट्स
वो पहली-पहली क़िस

वो पहला-पहला प्रपोजल
वो पहली-पहली पागलपंती
वो पहली-पहली बार तुम्हारे साथ मूवी देखना
वो पहली-पहली बार मेरा नाराज होना और तुम्हारा मनाना

वो पहली-पहली बार वाला एहसास
वो पहली-पहली जुदाई
वो पहली-पहली बार तुम्हरा मुझे गले से लगाना
वो पहली-पहली बार वाली सच्ची ख़ुशी

वो पहली पहली बार जब दिल को तुमने चुराया था
वो पहला-पहला वैलेंटाइन

आज जब पीछे मुड़ कर देखा
कितना कुछ पीछे छूट गया
कितना कुछ अधूरा रह गया
कितना कुछ बदल गया
कितना कुछ बदल गया

दीपक उदासी

11. Sad Love Poem in Hindi-ये कैसी उदासी छायी है

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ये कैसी उदासी छायी है
चारों ओर सिर्फ तन्हाई है
फिर याद तुम्हारी आयी है
अकेले में आज अश्क भी हमसे पूछ बैठे हैं
ये कैसी ठोकर तुमने खायी है

आवारा सा दिल मेरा बर्बाद हो गया है
इश्क़ में ये बदनाम हो गया है
फरेबी निकला आशिक इसका
टूट-टूट कर ये आज रो पड़ा है

लिखू तो गम कितना लिखूं
कलम भी मेरी मुझसे सवाल कर बैठी है
आशिकी अगर इतनी गहरी है
तो क्यों फिर ये दूरी है?
क्या उसकी मजबूरी है?

हाल सुनाऊँ तो किसको सुनाऊँ अपने दिल का
यहाँ हर किसी के हाथ में छुरी है
ये दुनिया सच में बहोत बुरी है
ये दुनिया सच में बहोत बुरी है

दीपक उदासी

12. फिलहाल मेरे हालात मेरे साथ खेल रहे हैं

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फिलहाल मेरे हालात मेरे साथ खेल रहे हैं
कल मैं इनके साथ खेलूंगा
फिलहाल लोग मुझ पर हंस रहे हैं
कल मैं उन पर हसूंगा
आज वक़्त मेरे साथ नहीं तो क्या हुआ
कल पूरी कायनात को मैं साथ लेकर चलूँगा

ठुकरा दिया जिन्होंने मुझे मेरा वक़्त देख कर
कसम खता हूँ ऐसा वक़्त लाऊंगा
के मिलना पड़ेगा मुझसे वक़्त लेकर

चाहे काँटों पर ही क्यों न चलना पड़े, चल लूंगा
आग लगी है अब सीने में कुछ इस कदर
चाहे भूका प्यासा ही क्यों न रहना पड़े रह लूंगा
एक दिन मैं क्या हूँ ये तुझे भी दिखाऊंगा

झूठे से रिश्ते जो दूर हुए खाली जेब देख कर मेरी
कसम खुदा की पैसा फेंक कर उनको सड़क पे नचवाऊंगा
एक दिन मैं क्या हूँ ये सबको बताऊंगा

दीपक उदासी

13. गुजर जाऊं जो मैं कभी

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गुजर जाऊं जो मैं कभी
तो गुजरा वक़्त समझ कर भूल जाना
याद आ भी जाऊं गलती से कभी
तो एक बुरी याद समझ के भूल जाना

यूँ तो कोई नहीं अब मेरा, न किसी की चाहत है
छोड़ गए जो बीच राह में अकेला
उनको उनकी ख़ुशी मुबारक है
हम तो फ़कीर हैं साहब
खुदा के बनाये आसमा को ही अपनी छत समझते हैं
डरते नहीं हम इस नाचीज दुनिया से अब
गुजरती मौत को भी हम अपने पास बुला लेते हैं

दीपक उदासी

14. चोटें अगर बचपन में ही मिल जाएँ तो अच्छा है

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चोटें अगर बचपन में ही मिल जाएँ तो अच्छा है
संभल के चलने का हुनर आ जाता है
कोई हाथ थामे तो पहले उसको जांच लेना
आजकल लोग थामकर हाथ, जख्मों पे नमक रगड़ देते हैं

दिल से कभी कोई फैसला न लेना
दिल के फैसले आज की दुनिया में गलत माने जाते हैं
बच जाते हैं दिलों का क़त्ल करने वाले
और बेक़सूर आशिक यादों में कैद हो जाते हैं

उम्मीद बड़ी कुत्ती चीज है साहब
दूसरों से कभी मत रखना
यहाँ कुचल देते हैं लोग दिलों को पैरों के नीचे
ऐतबार तुम यार हर किसी पर मत रखना

दीपक उदासी

15. अजीब दास्ताँ है ये मुहब्बत की

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अजीब दास्ताँ है ये मुहब्बत की
अधूरी होके भी पूरी सी लगती है
वैसे तो आज के ज़माने में सच्ची मुहब्बत कहाँ मिलती है
जिस्म की भूख में लोगों को मैंने तड़पते देखा है

सब खेल पैसे का है
दुनिया एक बंदरिया है
पैसे वाला मदारी है
यहाँ हुस्न बिकते हैं, सस्ते दामों में साहब
कहाँ इश्क़ की किसी को अब बीमारी है

दीपक उदासी

Hindi Love Poems with Hindi Translation

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Hindi Poems on Love: दोस्तों जब हम किसी से बेइंतेहा प्यार करते हैं न तो पूरी कायनात भी हमें उससे मिलाने के लिए एक हो जाती है। फिर न दुनिया बीच में आती है न ही वक़्त और ना ही कोई मजबूरी बस वो इंसान आपका हो जाता है शर्त बस इतनी है की प्यार सच्चा होना चाहिए। कई बार मुहब्बत हमारी अधूरी भी रह जाती है और सच कहु तो अधूरी मुहब्बत एक न एक दिन जरूर पूरी होती है इस जनम में नहीं तो अगले जनम में लेकिन पूरी होती जरूर है।
दोस्तों उम्मीद करते हैं आपको हमारी आज की प्यार पर लिखी हिंदी कवितायेँ बहोत पसंद आयी होंगी यदि पसंद आयी तो कमेंट करके अपनी राय हमें जरूर दें। और अगर आप भी कवितायेँ, शायरी या गजलें लिखते हैं तो हमें नीचे दी गयी ईमेल पर भेज सकते हैं हम आपकी रचना को बिना समय लिए उसी दिन आपके नाम के साथ अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करेंगे। आपका बहोत बहोत धन्यवाद अपना और अपनों का ख्याल रखें



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